Tuesday, February 27, 2024
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Laxmi Chalisa लक्ष्मी चालीसा – Lyrics in Hindi, PDF, Meaning, Image

Laxmi Chalisa लक्ष्मी चालीसा = इस लेख में, आज हम “लक्ष्मी चालीसा” साझा करने जा रहे हैं। In this article, today we are going to share “Laxmi Chalisa”. Here is Laxmi Chalisa लक्ष्मी चालीसा – Lyrics in Hindi, PDF, Meaning or Arth for Maa Laxmi (Maa Lakshmi) devotees.

Laxmi Chalisa | meaningfulhindi
Laxmi Chalisa लक्ष्मी चालीसा

Laxmi Chalisa Lyrics in Hindi – लक्ष्मी चालीसा हिंदी में

|| दोहा ||

मातु लक्ष्मी करि कृपा करो हृदय में वास।
मनोकामना सिद्ध कर पुरवहु मेरी आस॥

॥ सोरठा॥

यही मोर अरदास, हाथ जोड़ विनती करुं।
सब विधि करौ सुवास, जय जननि जगदंबिका॥

॥ चौपाई ॥

सिन्धु सुता मैं सुमिरौ तोही। ज्ञान बुद्घि विघा दो मोही॥

॥ श्री लक्ष्मी चालीसा ॥

तुम समान नहिं कोई उपकारी। सब विधि पुरवहु आस हमारी॥
जय जय जगत जननि जगदंबा सबकी तुम ही हो अवलंबा॥

तुम ही हो सब घट घट वासी। विनती यही हमारी खासी॥
जगजननी जय सिन्धु कुमारी। दीनन की तुम हो हितकारी॥

विनवौं नित्य तुमहिं महारानी। कृपा करौ जग जननि भवानी॥
केहि विधि स्तुति करौं तिहारी। सुधि लीजै अपराध बिसारी॥

कृपा दृष्टि चितववो मम ओरी। जगजननी विनती सुन मोरी॥
ज्ञान बुद्घि जय सुख की दाता। संकट हरो हमारी माता॥

क्षीरसिन्धु जब विष्णु मथायो। चौदह रत्न सिन्धु में पायो॥
चौदह रत्न में तुम सुखरासी। सेवा कियो प्रभु बनि दासी॥

जब जब जन्म जहां प्रभु लीन्हा। रुप बदल तहं सेवा कीन्हा॥
स्वयं विष्णु जब नर तनु धारा। लीन्हेउ अवधपुरी अवतारा॥

तब तुम प्रगट जनकपुर माहीं। सेवा कियो हृदय पुलकाहीं॥
अपनाया तोहि अन्तर्यामी। विश्व विदित त्रिभुवन की स्वामी॥

तुम सम प्रबल शक्ति नहीं आनी। कहं लौ महिमा कहौं बखानी॥
मन क्रम वचन करै सेवकाई। मन इच्छित वांछित फल पाई॥

तजि छल कपट और चतुराई। पूजहिं विविध भांति मनलाई॥
और हाल मैं कहौं बुझाई। जो यह पाठ करै मन लाई॥

ताको कोई कष्ट नोई। मन इच्छित पावै फल सोई॥
त्राहि त्राहि जय दुःख निवारिणि। त्रिविध ताप भव बंधन हारिणी॥

जो चालीसा पढ़ै पढ़ावै। ध्यान लगाकर सुनै सुनावै॥
ताकौ कोई न रोग सतावै। पुत्र आदि धन सम्पत्ति पावै॥

पुत्रहीन अरु संपति हीना। अन्ध बधिर कोढ़ी अति दीना॥
विप्र बोलाय कै पाठ करावै। शंका दिल में कभी न लावै॥

पाठ करावै दिन चालीसा। ता पर कृपा करैं गौरीसा॥
सुख सम्पत्ति बहुत सी पावै। कमी नहीं काहू की आवै॥

बारह मास करै जो पूजा। तेहि सम धन्य और नहिं दूजा॥
प्रतिदिन पाठ करै मन माही। उन सम कोइ जग में कहुं नाहीं॥

बहुविधि क्या मैं करौं बड़ाई। लेय परीक्षा ध्यान लगाई॥
करि विश्वास करै व्रत नेमा। होय सिद्घ उपजै उर प्रेमा॥

जय जय जय लक्ष्मी भवानी। सब में व्यापित हो गुण खानी॥
तुम्हरो तेज प्रबल जग माहीं। तुम सम कोउ दयालु कहुं नाहिं॥

मोहि अनाथ की सुधि अब लीजै। संकट काटि भक्ति मोहि दीजै॥
भूल चूक करि क्षमा हमारी। दर्शन दजै दशा निहारी॥

बिन दर्शन व्याकुल अधिकारी। तुमहि अछत दुःख सहते भारी॥
नहिं मोहिं ज्ञान बुद्घि है तन में। सब जानत हो अपने मन में॥

रुप चतुर्भुज करके धारण। कष्ट मोर अब करहु निवारण॥
केहि प्रकार मैं करौं बड़ाई। ज्ञान बुद्घि मोहि नहिं अधिकाई॥

॥ दोहा॥

त्राहि त्राहि दुख हारिणी, हरो वेगि सब त्रास। जयति जयति जय लक्ष्मी, करो शत्रु को नाश॥
रामदास धरि ध्यान नित, विनय करत कर जोर। मातु लक्ष्मी दास पर, करहु दया की कोर॥

देवी लक्ष्मी जी को वित्त, संपत्ति और धन की देवी माना जाता है। लक्ष्मी माता की दिन-प्रतिदिन पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में कभी भी दरिद्रता का असर नहीं होता। देवी लक्ष्मी एक बार प्रसन्न हो जाती है, तो आपके जीवन में धन की बरसात हो सकती है। मां लक्ष्मी के पूजन का शुभ दिन शुक्रवार के रूप में परिगणित होता है। श्री लक्ष्मी चालीसा की रचना श्री रामदास जी ने की थी। लक्ष्मी माता की उपासना के लिए निम्नलिखित श्री लक्ष्मी चालीसा (Shri Lakshmi Chalisa) का पाठ करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। लक्ष्मी चालीसा के पाठ से माता आपके यश में आने वाली हर बाधा को दूर कर देती है, और आपके जीवन में आनंद का प्रवाह होता है।

Goddess Lakshmi Ji is considered the goddess of finance, property, and wealth. By worshiping Goddess Lakshmi every day, poverty never affects a person’s life. Once Goddess Lakshmi is pleased, there can be a rain of wealth in your life. The auspicious day of worshiping Goddess Lakshmi is counted as Friday. Shri Laxmi Chalisa was composed by Shri Ramdas ji. It is very important to recite the following Shri Laxmi Chalisa for the worship of Goddess Lakshmi. By reciting Lakshmi Chalisa, the Mother Goddess removes every obstacle to your fame, and happiness flows in your life.

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Laxmi Chalisa with Meaning in Hindi Lyrics – लक्ष्मी चालीसा अर्थ सहित हिंदी में

Laxmi Chalisa with Meaning / Arth = लक्ष्मी चालीसा हिंदी में पढ़ने के बाद अब माँ लक्ष्मी चालीसा हिंदी भाषा में अर्थ सहित पढ़ें। After reading Shree Laxmi Chalisa in Hindi, now read Maa Laxmi Chalisa with meaning in Hindi language.

|| दोहा ||

मातु लक्ष्मी करि कृपा करो हृदय में वास।
मनोकामना सिद्ध कर पुरवहु मेरी आस॥

हिंदी अर्थ Laxmi Chalisa – माँ लक्ष्मी, कृपा करके मेरे हृदय में आवास बनाइए, माता, मेरे मन की इच्छाएँ पूरी करें और मेरे आशाओं को साकार करें।

॥ सोरठा॥

यही मोर अरदास, हाथ जोड़ विनती करुं।
सब विधि करौ सुवास, जय जननि जगदंबिका॥

हिंदी अर्थ – हे माँ, मैं यहाँ अपनी आपकी शरण में आया हूं, मैं हाथ जोड़कर आपकी इस प्रार्थना कर रहा हूं कि आप सभी तरीकों से मेरे पास वास करें। हे जननी, हे मातृ, जगदम्बिका, आपकी जय हो।

॥ चौपाई ॥

सिन्धु सुता मैं सुमिरौ तोही। ज्ञान बुद्घि विघा दो मोही॥

हिंदी अर्थ Laxmi Chalisa – हे सागर पुत्री मैं आपका ही स्मरण करता हूं, कृपा करके मुझे ज्ञान, बुद्धि, और विद्या की प्राप्ति का अवसर दीजिए।

॥ श्री लक्ष्मी चालीसा ॥

तुम समान नहिं कोई उपकारी। सब विधि पुरवहु आस हमारी॥
जय जय जगत जननि जगदंबा सबकी तुम ही हो अवलंबा॥

हिंदी अर्थ – आपके समान उपकारी दूसरा कोई नहीं है। सभी विधियों से हमारी आकांक्षाएं पूरी हों, हे विश्वमाता जगदम्बा, आपकी विजय हो, आप ही सभी को समर्थन प्रदान करने वाली हैं, सबकी सहायता करने वाली हो।

तुम ही हो सब घट घट वासी। विनती यही हमारी खासी॥
जगजननी जय सिन्धु कुमारी। दीनन की तुम हो हितकारी॥

हिंदी अर्थ Laxmi Chalisa – आप ही घट-घट में वास करती हैं, यह हमारी आपके प्रति विशेष प्रार्थना है। हे जगतजननी सागरकन्या, आप दीन-दुखियों का हित करती हैं।

विनवौं नित्य तुमहिं महारानी। कृपा करौ जग जननि भवानी॥
केहि विधि स्तुति करौं तिहारी। सुधि लीजै अपराध बिसारी॥

हिंदी अर्थ – हे मां महारानी हम दिन-प्रतिदिन आपके समक्ष निवेदन करते हैं, हे विश्वमाता भवानी, हमें सभी पर आपकी दया बरसाएं। आपकी प्रशंसा हम किस रूप में करें। हे माता, हमारे पापों को मिटाकर हमें शुद्ध करें।

कृपा दृष्टि चितववो मम ओरी। जगजननी विनती सुन मोरी॥
ज्ञान बुद्घि जय सुख की दाता। संकट हरो हमारी माता॥

हिंदी अर्थ Laxmi Chalisa – मेरे प्रति आपका आशीर्वाद हमेशा बरसता रहता है, हे जगत जननी, मेरी पुकार को सुनिए। आप ज्ञान, बुद्धि और आनंद प्रदान करने वाली हैं, आपकी महिमा बढ़े, हे मातृ आप हमारे संकटों का समाधान करें।

क्षीरसिन्धु जब विष्णु मथायो। चौदह रत्न सिन्धु में पायो॥
चौदह रत्न में तुम सुखरासी। सेवा कियो प्रभु बनि दासी॥

हिंदी अर्थ – जब श्रीहरि ने समुद्र का मंथन किया, तो उसमें से चौदह मूल्यवान रत्न प्राप्त हुए। हे सुखदायिनी, उन चौदह रत्नों में से एक आप भी थीं, जिन्होंने भगवान विष्णु की सेवा करके उनकी दासी बनी।

जब जब जन्म जहां प्रभु लीन्हा। रुप बदल तहं सेवा कीन्हा॥
स्वयं विष्णु जब नर तनु धारा। लीन्हेउ अवधपुरी अवतारा॥

हिंदी अर्थ Laxmi Chalisa – जब परमेश्वर विष्णु ने कहीं भी अवतार लिया, अर्थात वहां जब भगवान विष्णु ने अपने आप को प्रकट किया, तब आपने भी रुप बदलकर उनकी सेवा की। स्वयं परमात्मा विष्णु ने मानव रूप में अयोध्या में जन्म लिया।

तब तुम प्रगट जनकपुर माहीं। सेवा कियो हृदय पुलकाहीं॥
अपनाया तोहि अन्तर्यामी। विश्व विदित त्रिभुवन की स्वामी॥

हिंदी अर्थ – उस समय आपने भी जनकपुरी में प्रकट होकर सेवा की, और उनके हृदय के पास रही, अंतर्यामी भगवान विष्णु ने आपको अपनाया, पूरे विश्व को यह जानते हुए कि आप ही तीनों लोकों की देवी हैं।

तुम सम प्रबल शक्ति नहीं आनी। कहं लौ महिमा कहौं बखानी॥
मन क्रम वचन करै सेवकाई। मन इच्छित वांछित फल पाई॥

हिंदी अर्थ Laxmi Chalisa – आपके समान और कोई दूसरी शक्ति किसी भी प्रकार से प्रकट नहीं हो सकती। आपकी महिमा की कोई सीमा नहीं है, चाहे कितने भी शब्द कह लिए जाएं, वह आपकी अतीत है। जिनके मन, वचन और क्रियाएँ आपके सेवन में लगे रहते हैं, उनकी सभी इच्छाएँ पूरी होती हैं।

तजि छल कपट और चतुराई। पूजहिं विविध भांति मनलाई॥
और हाल मैं कहौं बुझाई। जो यह पाठ करै मन लाई॥

हिंदी अर्थ – छल, कपट और चालाकी को छोड़कर विभिन्न प्रकार से आपकी पूजा करना उपयुक्त है। इसके अतिरिक्त, मैं क्या कह सकता हूं, जो इस पाठ को ध्यान से करते हैं।

ताको कोई कष्ट नोई। मन इच्छित पावै फल सोई॥
त्राहि त्राहि जय दुःख निवारिणि। त्रिविध ताप भव बंधन हारिणी॥

हिंदी अर्थ Laxmi Chalisa – उसको कोई कठिनाई नहीं आती और मनचाहे फल प्राप्त होते हैं। हे दुखों का नाश करने वाली माता, आपकी जय हो, तीनों प्रकार के कष्टों सहित सभी भव बाधाओं को दूर करने वाली हो, अर्थात आप ही बंधनों से मुक्ति दिलाती हो।

जो चालीसा पढ़ै पढ़ावै। ध्यान लगाकर सुनै सुनावै॥
ताकौ कोई न रोग सतावै। पुत्र आदि धन सम्पत्ति पावै॥

हिंदी अर्थ – जो कोई भी चालीसा को पढ़ता है, या पढ़ाता है, या ध्यान देकर सुनता और सुनाता है, उसे किसी भी रूप में कोई रोग नहीं आता, उसे पुत्र और अन्य धन-संपत्ति भी प्राप्त होती है।

पुत्रहीन अरु संपति हीना। अन्ध बधिर कोढ़ी अति दीना॥
विप्र बोलाय कै पाठ करावै। शंका दिल में कभी न लावै॥

हिंदी अर्थ Laxmi Chalisa – यदि कोई अविवाहित हो, या संपत्ति-हीन हो, या अंधा, बहरा, या बहुत गरीब हो, तब भी अगर वह ब्राह्मण को बुलाकर आपका पाठ करवाए, और उसके दिल में किसी भी प्रकार की संदेह नहीं हो, अर्थात वह पूरे श्रद्धा और निष्ठा से पाठ करवाए।

पाठ करावै दिन चालीसा। ता पर कृपा करैं गौरीसा॥
सुख सम्पत्ति बहुत सी पावै। कमी नहीं काहू की आवै॥

हिंदी अर्थ – चालीस दिनों तक इस पाठ का किया जाने पर, हे माता लक्ष्मी, आप उस व्यक्ति पर आपकी कृपा की वर्षा करती हैं। चालीस दिनों तक आपके पाठ करवाने से उस व्यक्ति को सुख, समृद्धि और विभिन्न प्रकार की संपत्ति मिलती है। उसे किसी प्रकार की कमी का अहसास नहीं होता।

बारह मास करै जो पूजा। तेहि सम धन्य और नहिं दूजा॥
प्रतिदिन पाठ करै मन माही। उन सम कोइ जग में कहुं नाहीं॥

हिंदी अर्थ Laxmi Chalisa – जो व्यक्ति साल भर आपकी पूजा करता है, उसके समान कोई और धन्य नहीं हो सकता। जिन्होंने मन से हर दिन आपका पाठ किया है, उनके समान और कोई नहीं हो सकता।

बहुविधि क्या मैं करौं बड़ाई। लेय परीक्षा ध्यान लगाई॥
करि विश्वास करै व्रत नेमा। होय सिद्घ उपजै उर प्रेमा॥

हिंदी अर्थ – हे माता, मैं कैसे आपकी महिमा का वर्णन कर सकता हूँ, आप तो अपने भक्तों की परीक्षा भी बेहतरीन तरीके से लेती हैं। जो व्यक्ति पूरे विश्वास और नियमों के साथ आपके व्रत का पालन करता है, उसके हृदय में प्रेम बढ़ता है और उसके सभी कार्य सफल होते हैं।

जय जय जय लक्ष्मी भवानी। सब में व्यापित हो गुण खानी॥
तुम्हरो तेज प्रबल जग माहीं। तुम सम कोउ दयालु कहुं नाहिं॥

हिंदी अर्थ Laxmi Chalisa – हे मां लक्ष्मी, हे मां भवानी, आपकी जय हो। आप गुणों की खजान हैं और सबमें आवास करती हैं। आपकी प्रकाशमयी तेज़ इस संसार में अत्यधिक प्रभावशाली है, आपके समान दयालु और कोई नहीं है।

मोहि अनाथ की सुधि अब लीजै। संकट काटि भक्ति मोहि दीजै॥
भूल चूक करि क्षमा हमारी। दर्शन दजै दशा निहारी॥

हिंदी अर्थ – हे मां, मुझ अनाथ की भी अब दया कीजिए। मेरे संकट को दूर करके मुझे आपकी भक्ति का आशीर्वाद प्राप्त हो। हे मातृभवन, यदि कोई भूल चूक हमसे हो गई हो तो कृपा करके हमें क्षमा करें, आपके दर्शन से अपने भक्तों को एक बार आशीर्वादित करें।

बिन दर्शन व्याकुल अधिकारी। तुमहि अछत दुःख सहते भारी॥
नहिं मोहिं ज्ञान बुद्घि है तन में। सब जानत हो अपने मन में॥

हिंदी अर्थ Laxmi Chalisa – आपके प्रिय भक्त आपके दर्शनों के बिना शांति नहीं पाते। आपके साथ होने पर भी उन्हें भारी कष्ट सहने पड़ रहे हैं। हे मां, आपको तो पूरी तरह पता है कि मेरे पास ज्ञान की कमी है, मेरे पास बुद्धि नहीं है, अर्थात मैं अज्ञानी हूं और आप ही सर्वज्ञ हैं।

रुप चतुर्भुज करके धारण। कष्ट मोर अब करहु निवारण॥
केहि प्रकार मैं करौं बड़ाई। ज्ञान बुद्घि मोहि नहिं अधिकाई॥

हिंदी अर्थ – अब अपना चतुर्भुज रुप धारण कर मेरे कष्ट का निवारण करो मां। मैं और किस प्रकार से आपकी प्रशंसा करुं इसका ज्ञान व बुद्धि मेरे अधिकार में नहीं है अर्थात आपकी प्रशंसा करना वश की बात नहीं है।

॥ दोहा॥

त्राहि त्राहि दुख हारिणी, हरो वेगि सब त्रास। जयति जयति जय लक्ष्मी, करो शत्रु को नाश॥
रामदास धरि ध्यान नित, विनय करत कर जोर। मातु लक्ष्मी दास पर, करहु दया की कोर॥

हिंदी अर्थ Laxmi Chalisa – हे दुखों का निवारण करने वाली माता, दुख सिर्फ दुख होते हैं, आप सभी पापों का नाश करें, हे शत्रुओं का संहार करने वाली माता लक्ष्मी, आपकी विजय हो, जय हो। रामदास दिन-प्रतिदिन हाथ जोड़कर आपके ध्यान में रमता है और आपसे प्रार्थना करता है। हे मातृका लक्ष्मी, आपके दास पर अपनी कृपा बरसाएं।

।। इति लक्ष्मी चालीसा संपूर्णम्।।

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लक्ष्मी चालीसा एक भक्ति भजन या प्रार्थना है जो धन, समृद्धि और प्रचुरता की हिंदू देवी माँ लक्ष्मी को समर्पित है। लक्ष्मी चालीसा कई कारणों से महत्व रखता है जैसे कि – “देवी लक्ष्मी के प्रति उनकी भक्ति और श्रद्धा के लिए”, “धन और समृद्धि का आशीर्वाद पाने के लिए”, “आध्यात्मिक विकास के लिए”, “वित्तीय कठिनाइयों, ऋण और आर्थिक कठिनाइयों से सुरक्षा पाने के लिए” आदि। इसका पाठ दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान किया जाता है, जो लक्ष्मी की पूजा के लिए समर्पित है। लक्ष्मी चालीसा का पाठ उनका मार्गदर्शन और आशीर्वाद पाने के लिए भी किया जाता है।

Laxmi Chalisa is a devotional hymn or prayer dedicated to Goddess Lakshmi, the Hindu goddess of wealth, prosperity, and abundance. Laxmi Chalisa holds importance for many reasons such as – “For their devotion and reverence towards Goddess Lakshmi”, “To get blessed with wealth and prosperity”, “For spiritual growth”, and “For financial difficulties, debts, and economic difficulties”. To get protection from” etc. It is recited during festivals like Diwali, which is dedicated to the worship of Lakshmi. Mata Lakshmi Chalisa is also recited to seek her guidance and blessings.

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